राहुल गांधी ने पेश किया कांग्रेस का घोषणापत्र… क्या सभी के मनभाएगा ये मैनिफेस्टो?
कांग्रेस पार्टी ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। राहुल गांधी ने घोषणापत्र का पिटारा खोला और झोली से एक-एक करके चुनावी दांव सामने आने लगे। राहुल घोषणापत्र ऐसे पढ़ रहे थें जैसे मानो वित्त मंत्री बजट पेश कर रहें हों। उन्होंने मैनिफेस्टो को गरीबों और किसानों तक समेट के रख दिया।
घोषणा पत्र की बड़ी बातें-
घोषणापत्र का थीम गरीबों के लिए न्याय का रहा। राहुल ने याद दिलाया कि कैसे प्रधानमंत्री ने 15 लाख हर बैंक खाते में पहुंचाने का वादा किया था। जो कभी मुमकिन ही नहीं था। इसी पर वार करते हुए उन्होंने हर साल गरीबों के खाते में 72,000 रुपए देने का दावा किया। इस पर राहुल ने नारा लगाया गरीबी पर वार बहत्तर हज़ार।
राहुल ने मार्च 2020 तक 22 लाख बेरोजगारों को सरकारी रोजगार देने का वादा किया है और अलग से 10 लाख युवाओं को ग्राम पंचायत में रोजगार देंगे। मनरेगा में अब 150 दिन के रोजगार की गारंटी की बात कही जो पहले 100 दिन था।
मेक इन इंडिया के तहत अगर कोई खुद का रोजगार शुरु करना चाहता है तो अब उसे पहले तीन साल के लिए किसी से कोई अनुमति लेने की जरुरत नहीं होगी। किसानों के लिए अलग बजट लाने का भी वादा किया गया। उनके प्रति पारदर्शिता लाने के लिए उन्होंने इस बजट की बात कही, जिससे किसानों को ये पता चलेगा कि उनके हित में सरकार क्या कर रही है। अगर कोई किसान कर्ज चुकाने में विफल है तो उसे आपराधिक केस नहीं माना जाएगा।
शिक्षा के विकास के लिए जीडीपी का 6 फीसदी हिस्सा खर्च किया जाएगा। सरकारी अस्पतालों को मजबूत करने की बात करते हुए उन्होंने गरीबों को उच्चस्तरीय सुविधाएं देने की बात कही।
घोषणापत्र पर प्रियंका वाड्रा ने कहा ये आम आदमी का मैनिफेस्टो है सब इसको पढ़े, सारे मुद्दों का जिक्र इसमें किया गया है।
कांग्रेस के घोषणापत्र से ऐसा लग रहा है जैसे मानों ये मैनिफेस्टो कम और बीजेपी पर वार-पलटवार ज्यादा है। अब इंतजार 23 मई का है जब पानी की तरह साफ हो जाएगा कि जनता ने कांग्रेस के वादों पर भरोसा किया या मोदी जी के जुम्लों पर।

